छत्तीसगढ़
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 : 23.48 लाख किसानों से धान खरीदी, ₹29,597 करोड़ का भुगतान
Shantanu Roy
27 Jan 2026 7:52 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत राज्य में धान खरीदी सुचारू, तेज़ और पारदर्शी ढंग से जारी है। अब तक प्रदेश के 23.48 लाख किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचकर इस व्यवस्था का प्रत्यक्ष लाभ लिया है। सरकार द्वारा अपनाई गई डिजिटल और समयबद्ध प्रणाली के चलते किसानों में उत्साह है और खरीदी केंद्रों पर व्यापक भागीदारी देखने को मिल रही है। धान खरीदी के एवज में अब तक किसानों को कुल 29,597 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
यह भुगतान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अनुरूप किया जा रहा है, जिससे किसानों को उनकी उपज का पूरा और न्यायसंगत मूल्य मिल रहा है। इतनी बड़ी राशि का सीधा हस्तांतरण राज्य की मजबूत वित्तीय प्रबंधन क्षमता और किसान हितैषी नीतियों को दर्शाता है। भुगतान प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि धान विक्रय के 48 घंटे के भीतर राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जा रही है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो रहा है। त्वरित भुगतान से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और वे आगामी कृषि गतिविधियों की योजना सहजता से बना पा रहे हैं।
आगामी तीन दिनों में लगभग 1.5 लाख और किसान धान विक्रय के लिए केंद्रों पर पहुँचने वाले हैं। इसके लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं, ताकि किसी भी किसान को असुविधा न हो। खरीदी केंद्रों पर व्यवस्था, तौल, परिवहन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसी अवधि में 70,000 से अधिक नए टोकन जारी किए जाने की संभावना है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 22,000 टोकन जारी किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को अपनी बारी के अनुसार व्यवस्थित ढंग से धान बेचने का अवसर मिल रहा है। टोकन व्यवस्था ने भीड़ प्रबंधन और समय की बचत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राज्य में प्रतिदिन लगभग 3 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा रही है, जो इस अभियान की व्यापकता और प्रशासनिक क्षमता को दर्शाती है। बड़ी मात्रा में हो रही खरीदी के बावजूद गुणवत्ता परीक्षण, तौल और भंडारण की प्रक्रिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी न हो। कुल मिलाकर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी किसान-केंद्रित, पारदर्शी और तकनीक-आधारित मॉडल के रूप में सामने आई है। समय पर टोकन, तेज़ खरीदी और 48 घंटे के भीतर भुगतान जैसी व्यवस्थाओं ने किसानों का विश्वास मजबूत किया है और यह अभियान प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला साबित हो रहा है।
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